ब्रेकिंग
अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया हर दीवार दे रही स्वच्छता का संदेश, रंगों में बस रही शहर की नई पहचान,
दुर्ग

दुर्ग जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: प्रसव वार्ड में बदल गए बच्चे, हिंदू-मुस्लिम परिवार के बीच विवाद

दुर्ग | दुर्ग जिले के जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गंभीर लापरवाही सामने आई है,

जिसमें एक मुस्लिम परिवार का बच्चा हिंदू परिवार के पास और हिंदू परिवार का बच्चा मुस्लिम परिवार के पास पहुंच गया।

यह घटना 23 जनवरी की रात की है, जब शबाना कुरैशी और साधना सिंह नामक दो महिलाओं ने थोड़े समय के अंतराल में अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था।

अस्पताल स्टाफ ने दोनों बच्चों के हाथों में मां के नाम का चिट्ठा भी लगा दिया था, लेकिन डिलिवरी के बाद बच्चे नहलाने के दौरान इन बच्चों की अदला-बदली हो गई।

शबाना का बच्चा साधना के पास और साधना का बच्चा शबाना के पास चला गया।

यह घटना तब सामने आई, जब शबाना कुरैशी ने घर जाकर बच्चे को नहलाते समय देखा कि बच्चे के हाथ में जो चिट लगी थी, उसमें “बेबी ऑफ साधना” लिखा हुआ था।

शबाना ने परिवार को सूचित किया और फोटो के आधार पर पुष्टि की कि बच्चा बदल चुका है, क्योंकि साधना के बच्चे के शरीर पर बर्थ मार्क था, जो शबाना को दिए गए बच्चे में था।

मामला जब अस्पताल प्रबंधन तक पहुंचा, तो साधना ने बच्चे को बदलने से मना कर दिया, जिसके बाद मुस्लिम परिवार ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की।

कलेक्टर ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की, जिसने रविवार को अस्पताल जाकर मदर चाइल्ड यूनिट का रिकॉर्ड खंगाला और स्टाफ से पूछताछ की।

हालांकि, मामला और उलझने पर पुलिस ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन और दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।

अगर मामले का हल नहीं निकलता, तो डीएनए जांच की जाएगी, ताकि बच्चे की असली पहचान का पता चल सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button